बीते दिनों अधिवक्ता राजनाथ यादव के एक केस की फाइल संबंधी जानकारी लेने तहसील कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि वहां उनसे रिश्वत मांगी गई, विरोध करने पर उन्हें धक्का देकर बाहर कर दिया गया। इसके बाद एक लेखपाल कुंदन सिंह, जो अवैध रूप से रिवाल्वर लेकर चलते हैं, अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और अधिवक्ता पर हमला कर दिया। इस दौरान उनके पैसे लूट लिए गए और मोबाइल भी तोड़ दिया गया। बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री विनोद कुमार शुक्ल का कहना है कि तहसील में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ समय पहले इसी भ्रष्टाचार से तंग आकर एक बुजुर्ग ने आत्महत्या तक कर ली थी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि अधिकारी अपने प्रभाव और घूसखोरी के दम पर मामलों का निपटारा कर रहे हैं। इस घटना को लेकर अधिवक्ताओं ने तत्काल एसडीएम और एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा और थाना में तहरीर दी। जिसके आधार पर कुंदन सिंह लेखपाल और शिव प्रसाद नामक चपरासी को निलंबित कर दिया गया तथा सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्ट कर्मचारियों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो तहसील बंद कराकर पूरी पारदर्शिता के साथ व्यवस्था बहाल कराने के लिए बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सुनील दत मिश्रा, विनोद शुक्ल संजीव कुमार, शुभम प्रकाश सिंह,,विशाल दुबे संदीप पाल मौजूद रहे।