बाल श्रम रोकने के लिए ना जाने सरकार और स्वयंसेवी संस्थाएं कितने दावे करती रही हैं लेकिन सभी दावे खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं। कागज पर तो बाल श्रम को रोकने के लिए बहुत काम हो रहा है लेकिन हकीकत में ये सभी प्रयास नाकाम दिख रहे हैं। हालत यह है कि जिन हाथों में कॉपी-किताब होने चाहिए, वो मां बाप के साथ हथौड़ा चलाने को मजबूर हैं। वाराणसी से ये रिपोर्ट देखिए।