उत्तर प्रदेश के उचित दर विक्रेताओं ने बुधवार को अपने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि को सौंपा। कोटेदार संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि प्रदेश के कोटेदार शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार राशन वितरण का कार्य करते हैं। कोरोना काल के दौरान भी प्रधानमंत्री अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निःशुल्क राशन वितरण में अपनी जिम्मेदारी निभाई। कोटेदारों ने ई-पॉस मशीन के माध्यम से ईमानदारीपूर्वक कार्य करते हुए सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन किया। इसके बावजूद उन्हें वाजिब लाभांश और मानदेय नहीं मिल पा रहा है। विनोद कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कोटेदारों को मात्र 180 रुपये प्रति क़्विंटल का लाभांश दिया जाता है, जबकि हरियाणा, गोवा और केरल जैसे राज्यों में यह राशि 200-250 रुपये तक है। गुजरात में न्यूनतम आय गारंटी के तहत 20,000 रुपये तक की व्यवस्था है। कोटेदारों ने मांग की है कि उन्हें भी अन्य प्रदेशों की भांति लाभांश और मानदेय दिया जाए, ताकि उनकी आजीविका सुचारु रूप से चल सके। कोटेदार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 25 फरवरी को सभी कोटेदार लखनऊ में जवाहर भवन का घेराव करेंगे। उन्होंने साफ किया कि किसी भी असामान्य स्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।