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सीतापुर: नशे में भाई व भाभी पर धारदार हथियार से किया हमला, दंपती की मौत

आकाश द्विवेदी Updated Wed, 18 Feb 2026 10:49 PM IST

नैमिषारण्य के ठाकुरनगर निवासी हरीश (40), हरीश की पत्नी पूनम (38) और रामू (27) पर बुधवार देर रात उनके भाई श्यामू ने मामूली विवाद पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गये। हरीश के एक पुत्र ने 108 नंबर डायल कर एंबुलेंस बुलाई। इसी से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नैमिषारण्य लाया गया। यहां पूनम को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, हरीश ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रामू को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। गांव निवासी हरीश अपने भाई रामू व पत्नी पूनम संग बुधवार देर रात खाना खा रहे थे। इस दौरान उनका भाई श्यामू नशे की हालत में घर पहुंचा। श्यामू नशे की हालत में अपने भाई को अपशब्द कहने लगा। हरीश ने इसका विरोध किया। इससे नाराज होकर श्यामू ने चाकू से हरीश पर हमला कर दिया। उसने चाकू को कई बार पेट में घोंपा। हरीश को बचाने आई उनकी पत्नी पूनम को भी श्यामू ने चाकू मारकर घायल कर दिया। दोनों का बीच बचाव करने दौड़े रामू पर भी श्यामू ने बांके से हमला किया। हमले के बाद श्यामू घर से भाग गया। हरीश के पुत्र ने तीनों को एंबुलेंस बुलाकर सीएचसी में भर्ती कराया। थाना प्रभारी नैमिषारण्य नवनीत मिश्रा ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है। तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है श्यामू हरीश कुल तीन भाई थे। इसमें सबसे बड़ा भाई हरीश था। दूसरे नंबर पर श्यामू और तीसरे नंबर पर रामू है। इसमें हरीश की मौत हो गई। वहीं, रामू गंभीर रूप से घायल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार श्यामू अक्सर शराब पीकर परिजनों से झगड़ता था। हरीश के चारों बच्चे हुए अनाथ इस हमले में हरीश और पूनम की मौत हो चुकी है। उनके चार बच्चे अब अनाथ हो गए हैं। हरीश मूंगफली का ठेला लगाकर परिवार का पालन पोषण करते थे। रामू व श्यामू की मौत के बाद आस पास के लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर दिये। हरीश के रिश्तेदार महोली में रहते हैं। पुलिस ने उन्हें सूचित कर दिया है। हरीश को नहीं मिली एंबुलेंस सीएचसी में गंभीर हालत में पहुंचे हरीश को चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर करना चाहा। सीएचसी में तैनात डॉ अयम मिश्रा ने 108 पर फोन कर तत्काल अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस से ही हरीश को जिला अस्पताल भेजने की मंशा जाहिर की। इस पर 108 जिला मुख्यालय से दूसरी एंबुलेंस भेजने की बात कही गई। हरीश को सीएचसी लेकर पहुंची एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल भेजने से मना कर दिया। इसके बाद सीएचसी अधीक्षक मिश्रिख डाॅ प्रखर से एक व्यक्ति ने एंबुलेंस चालक की फोन पर बात कराई। सीएचसी अधीक्षक के फटकारने पर एंबुलेंस चालक हरीश को ले जाने के लिए तैयार हुआ। उसे जिला अस्पताल ले जाने की कवायद शुरू हुई, इस बीच हरीश ने दम तोड़ दिया। इसके बाद एंबुलेंस रामू को जिला अस्पताल ले गई।

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