शाहजहांपुर शहर के मोहल्ला बाडूजई प्रथम में रविवार की रात भतीजे विवेक सक्सेना उर्फ शानू ने अपने चाचा प्रमोद सक्सेना का खून बहा दिया। शराब के नशे में धुत आरोपी के सिर पर खून सवार था। हाथ में तमंचा देखकर मृतक की पत्नी सीमा व बेटा चिंटू ने आरोपी के हाथ जोड़े, पैरों पर गिरकर गिड़गिड़ाए। तब भी उसने गोली चलाकर चाचा की हत्या कर दी।
प्रमोद सक्सेना के सबसे बड़े भाई सरोज सक्सेना की हथौड़ा में क्लीनिक है। उनके साथ रहकर विवेक भी उपचार करना सीख गया। सरोज के निधन के बाद उनकी क्लीनिक को विवेक ने संभाल लिया। विवेक व उनके चाचा प्रमोद गुप्ता मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरों में तो प्रमोद के भाई दिनेश, प्रदीप और विनोद नीचे के कमरों में रहते हैं। पुलिस के अनुसार, 12 दिन पहले प्रदीप की कार की चपेट में आने पर एक कुत्ता मर गया था। प्रदीप व प्रमोद कुत्ते के शव को दफन करने के लिए उसे बाेरे में रख रहे थे। वहां से गुजरे विवेक उर्फ शानू से मदद करने के लिए कहा। इस पर विवेक ने दुर्गंध और घिन आने की बात कहते हुए इन्कार कर दिया। इसी बात को लेकर प्रमोद और विवेक में हाथापाई हो गई थी। शाम को अन्य परिजनों की जानकारी में मामला आने पर उन्होंने दाेनों को गलती का अहसास कराकर गले मिलाकर मामला शांत करा दिया, लेकिन विवेक ने मन में खुन्नस मान ली थी।
परिजनों के अनुसार रविवार की रात प्रमोद अपने कमरे में बच्चों के साथ सोए हुए थे। रात करीब 11 बजे विवेक शराब के नशे में अपने कमरे से निकला और प्रमोद के दरवाजे पर लातें और घूंसे मारने लगा। देर रात में हंगामा होने पर प्रमोद का परिवार जाग गया। मृतक के भाई विनोद ने बताया कि प्रमोद की पत्नी सीमा बाहर निकली तो भतीजे विवेक ने उनके ऊपर तमंचा तान दिया।