नसीराबाद (रायबरेली)। पूरे लाल सिंह मजरे चतुरपुर गांव में सोमवार को दो पक्षों में मारपीट हुई थी। आरोप है कि एक पक्ष ने पुलिस के सामने मारपीट की थी। साथ ही महिला सिपाहियों ने महिलाओं को पीटा था। साथ ही पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर दिया। पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के विरोध में पीड़ित पक्ष ने ग्रामीणों के साथ सड़क पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए गए। हंगामा के बाग बैकफुट में आई पुलिस ने दोनों तरफ से मुकदमा दर्ज किया। मंगलवार को ग्रामीणों ने बिरनावां - नसीराबाद मार्ग पर पूरे लाल सिंह गांव के सामने प्रदर्शन कर पुलिस विभाग मुर्दाबाद के नारे लगाए और न्याय की मांग की।गांव के गुलाब सिंह ने बताया कि सोमवार को दोपहर लगभग दो बजे बासूपुर गांव के निवासी विशाल, कमल, रघुराज, सचिन, गुड्डू, राजेश और अनिल व दो अज्ञात गांव में आए और पुरानी जमीनी रंजिश के चलते गाली गलौज करने लगे। इस दौरान सूचना मिलने पर थाने से एसआई गौरव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गुलाब सिंह का आरोप है कि पुलिस ने उल्टा उन्हें ही पकड़ लिया और इसी दौरान आरोपियों ने उन पर हमला कर मारपीट शुरू कर दी। गुलाब सिंह ने बताया कि पुलिस बल की मौजूदगी में उन्हें पीटा गया और महिला सिपाहियों ने घर की महिलाओं के साथ भी मारपीट की थी। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। मंगलवार दोपहर लगभग दो बजे बिरनावां - नसीराबाद मार्ग पर जाम लगाते हुए पीड़ित पक्ष ने ग्रामीणों के साथ मिलकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी गई कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। हालांकि मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों से मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष बालेंदु गौतम ने बताया कि गुलाब सिंह की तहरीर पर विशाल, कमल उपाध्याय, रघुराज सिंह, सचिन, गुड्डू, अनिल और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर राजेश शुक्ला की तहरीर पर भी चार लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है।