यूपी में रायबरेली के खीरों विकास खंड में प्राथमिक विद्यालय, जेनापुर में संचालित बाल वाटिका केंद्र में बच्चे बड़ी रुचि से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कृष्ण कुमारी खेलकूद, बच्चों के रुचि वाले गानों के माध्यम से बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इससे बच्चे नियमित केंद्र आ रहे हैं। इस केंद्र में बाल वाटिका के छह एवं आंगनबाड़ी के 20 बच्चों सहित कुल 26 बच्चे हैं। इन्हें मैजिक किट, फ्ल्यूट पजल, वर्णमाला, संख्या ज्ञान आदि सामग्री के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। खेलकूद के माध्यम से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास किया जा रहा है। केंद्र की संचालिका आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कृष्ण कुमारी ने बताया कि हमारे केंद्र में सहायिका की नियुक्ति नहीं होने के कारण अकेले केंद्र में बच्चों को संभालना पड़ता है। इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में हमारी भी ड्यूटी फाइलेरिया की दवा खिलाने में लगा दी गई है। इससे केंद्र को समय से पहले बंद करना पड़ता है। बाल विकास परियोजना विभाग की सुपर वाइजर अनीता सिंह ने बताया कि फाइलेरिया की दवा खिलाने में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ड्यूटी लगाई जाती है। इसके संबंध में उच्चधिकारियों को अवगत कराया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी, खीरों मुकेश कुमार ने बताया कि जिन बाल वाटिका केंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ड्यूटी फाइलेरिया दवा खिलाने में लगाई गई है, उनको ड्यूटी से कार्यमुक्त करने के सम्बंध में स्वास्थ्य विभाग से कहा गया है। केंद्र समय से पहले न बंद हो, इसके लिए शिक्षा विभाग से शिक्षा मित्रों के रूप में वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है।