मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र के उमरी सब्जीपुर गांव में बेटे ने ही अपनी मां की हत्या कर उसे हादसा दिखाने की साजिश रची। आरोपी कपिल ने मां सावित्री देवी का गला घोंटने के बाद शराब पी और मौत को सीढ़ियों से गिरने की घटना बताने की कोशिश की। उसने पहले प्रयागराज में रहने वाली अपनी बहन रोशनी और बाद में पत्नी को फोन कर बताया कि मां सीढ़ियों से गिर गई हैं और उनकी मौत हो गई है।
जब बहन और पत्नी घर पहुंचीं तो सावित्री के गले पर चोट के निशान देखकर कपिल पर शक गहरा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो पूरी साजिश सामने आ गई। जांच में पता चला कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे कपिल शराब पीकर घर आया था और मां पर जमीन बेचने का दबाव बनाया। मां के इनकार करने पर वह नाराज होकर चला गया और दोबारा शराब पीकर करीब ढाई बजे लौटा। फिर से जमीन बेचने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उसने मां का गला घोंट दिया, जिससे मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद कपिल ने किसी को सूचना नहीं दी और शव को आंगन में सीढ़ियों के पास रख दिया। इसके बाद उसने बहन को फोन कर झूठी कहानी सुनाई कि मां गिरकर घायल हो गई थीं और अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जब बहन ने भाभी और बच्चों से बात करने की कोशिश की तो वह टालमटोल करता रहा। बाद में पता चला कि कपिल की पत्नी ललिता मायके में थी। शनिवार को जब पत्नी, बहन और अन्य रिश्तेदार पहुंचे तो गले पर चोट के निशान देखकर हत्या की आशंका जताई गई और पुलिस को बुलाया गया।
पूछताछ में कपिल ने यह भी स्वीकार किया कि उसे मां के किसी से बात करने पर शक था और उसे लगता था कि वह जमीन किसी और को देना चाहती है। कपिल के पिता ऋषिपाल के नाम पहले दो बीघा जमीन थी, जिसे उन्होंने बेचकर मूंढापांडे क्षेत्र में सात बीघा जमीन खरीदी थी। पिता की मृत्यु के बाद यह जमीन सावित्री के नाम हो गई थी।
आरोपी ने यह भी बताया कि पत्नी के मायके जाने पर उसने मां से 500 रुपये लिए थे, जिसे उसने शराब में खर्च कर दिया। शुक्रवार को दोबारा रुपये मांगने पर मां के इनकार के बाद ही विवाद बढ़ा और हत्या हो गई। वारदात के बाद भी कपिल घर में सामान्य गतिविधियां करता रहा। करीब 16 घंटे तक गांव वाले इस हत्या से अनजान रहे।
मुरादाबाद और आसपास के जिलों में लालच, शक और धोखे में अपनों की हत्या की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल के महीनों में ऐसे कई मामले उजागर हुए हैं, जहां परिवार के ही सदस्यों ने स्वार्थ के चलते खून के रिश्तों को तोड़ दिया। कहीं बीमा की रकम के लिए बेटे की हत्या कराई गई, तो कहीं पैसे न मिलने पर बुजुर्ग दादी और बुआ को मौत के घाट उतार दिया गया। ये घटनाएं समाज में बढ़ती संवेदनहीनता और अपराध की भयावह तस्वीर पेश कर रही हैं।