मऊ में घोसी नगर के बड़ागांव शिया मोहल्ले में बुधवार की भोर से ही हजरत अली की शहादत के मौके पर पूरे दिन रहने जुलूस का सिलसिला चला। लोगों ने हजरत अली की नमाज की हालत में इब्ने मुलजिम मलऊन द्वारा तलवार से हमला कर उनको मार ढाला गया था उसी की याद में आज 21 रमजान को उनके परिवार को श्रद्धाजंलि दी गई। पहले ताबुत शिया जामा मस्जिद से भोर में निकला उसके बाद मौलाना मुज्तबा हुसैन उसके बाद हाजी कौशर अली के वहां से ताबूत निकाला गया। उसके बाद इमाम बाड़ा ज़ैनबिया के रास्ते सदर इमाम बारगाह पर पहुंचा। ये ताबुत हजरत अली की याद में निकाला गया। वो अली जो दामादे पैग़म्बर मोहम्मद थे वो अली जो ग़रीबो के हमदर्द थे। जिनकी 4 वर्ष की हुकूमत में किसी के साथ अन्याय नहीं हुआ।