सिंधी समाज के इष्टदेव (भगवान) झूलेलाल साईं की जयंती के उपलक्ष्य में श्रद्धलुओं ने गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली। भक्तों के जयघोष से वातावरण भक्तिमय रहा। शोभायात्रा स्व: काशी चंद सिंधी के निवास स्थान से रौजा, सदर, चौक बाजार, सिंधी कॉलोनी, रेलवे फाटक, भीटी स्थित तमसा नदी के पावन तट तक निकाली गई।झांकी में सभी लोग आयो लाल, झूलेलाल, गीत गाते हुए नाचते हुए चल रहे थे। स्वयंसेवी संस्थाओं की तरफ से रास्ते मे जगह जगह जलपान की भी व्यवस्था की गई थी। झांकी में विशेष रूप से राजस्थान के अलवर का सिंधी बैंड के मधुर धुनों पे समाज के लोगों ने डांडिया नृत्य किया। शोभा यात्रा तमसा नदी के तट पर पहुंची जहां सभी ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। अपने और समस्त समाज के कल्याण की कामना की गई।झूलेलाल साई की पूजा समारोह सिंध प्रांत से चली आ रही है जो आज भी समाज के लोगों द्वारा की जाती है। झूलेलाल जी को जल का देवता भी कहा जाता है। इनकी सवारी मछली मानी जाती है।झांकी के समाप्ति के बाद अंत में भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर अशोक रतवानी, रोशन रिझवानी, बबला, दिलीप रतवानी, नरेश, मनोज, कैलाश, कालू, महेश, रोशन, कमलेश, आकाश, रवि क्षेतिजा, नरेश, गोल्डी, पार्वती देवी, विमला देवी, कविता देवी, सुशीला देवी, रत्ना देवी, लाजवंती देवी, खुशी, कनक, पारुल, भावना, आदि शामिल रहे।