यूपी बोर्ड मूल्यांकन कार्य को समय पर पूरा करना अब बड़ी चुनौती होगी। आगरा में आवंटित 7.47 लाख कॉपियों में से 5.52 लाख का मूल्यांकन हो चुका है जबकि 1.94 लाख कॉपियां शेष हैं। सीमित समय और हिंदी परीक्षकों की कमी से स्थिति कठिन हो गई है। एक अप्रैल को मूल्यांकन कार्य समाप्त किया जाना था। मूल्यांकन के लिए अब केवल दो दिन बचे हैं। जिले में 1,94,148 कॉपियां बची हुई हैं। अब तक पांच केंद्रों पर 5,52,862 कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है, कुल 7,47,010 कॉपियां आवंटित थीं। सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज में 20,917, आरबीएस में 22,158, नेशनल मॉडल स्कूल में 7,624, एमडी जैन इंटर कॉलेज में 10,912 और नगर निगम इंटर कॉलेज में 15,812 कॉपियों का मूल्यांकन हुआ। सूत्रों का कहना है कि एक शिक्षक प्रतिदिन अधिकतम 45 कॉपियां ही जांच सकता है, जिससे शेष काम को समय पर पूरा कर पाना मुश्किल है। सबसे बड़ी समस्या हिंदी विषय में है, शिक्षकों की कमी के कारण कॉपियों का ढेर लगा हुआ है। अकेले आरबीएस केंद्र पर 33 हजार से अधिक कॉपियां लंबित हैं। इसके अलावा राजकीय इंटर काॅलेज, नगर निगम इंटर काॅलेज, नेशनल माॅडल स्कूल में भी काफी काॅपियां शेष हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त परीक्षक लगाए जाएंगे, ताकि मूल्यांकन समय से पूरा हो सके।