मथुरा के मोक्षधाम पर पिता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि रूपांशी बीटेक करने के बाद आईपीएस की तैयारी करना चाहती थी। उसका सपना था कि वह आईपीएस बनकर अपने परिवार का नाम रोशन करे। कृष्ण विहार पानी की टंकी के पास निवासी हर्ष के पिता ओमपाल बौहरा पीएमवी पॉलिटेक्निक कॉलेज में लाइब्रेरी इंचार्ज हैं। उन्होंने बताया कि हर्ष परिवार में सबसे बड़ा बेटा है। उसके बाद छोटा बेटा सचिन और एक बेटी है। जिस वाहन से दुर्घटना हुई वह हर्ष की थी। मूल रूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं और पिछले काफी समय से मथुरा में रह रहे हैं। हेलमेट ने बचाई रौनक की जान दुर्घटना में हेलमेट ने छात्रा रौनक की जान बचा ली। मुक्तिधाम पर रूपांशी के पिता ने बताया कि स्कूटी को रौनक चला रही थी। उसने हेलमेट पहन रखा था। इसलिए उसकी जान बच गई। यदि पीछे बैठे रूपांशी और हर्ष ने भी हेलमेट पहन रखा होता तो शायद उनकी भी जान बच जाती।