लखीमपुर खीरी के देवकली स्थित देवेश्वर नाथ मंदिर परिसर में सर्प कुंड है। इसे लेकर मान्यता है कि इस कुंड में स्नान करने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है। यहां की मिट्टी घर में रखने से सांप नहीं आते हैं। नाग पंचमी पर हर साल की तरह इस बार भी यहां मेले का आयोजन हुआ। मेले में आसपास के गांव फरधान, सकतापुर, मन्योरा, पिपरा करमचंद गौरिया समेत जिलेभर के हजारों लोग पहुंचे। सर्प कुंड की मिट्टी अपने घर ले गए। देवकली के आचार्य प्रमोद दीक्षित ने बताया कि राजा परीक्षित को मुनि के श्राप के कारण तक्षक नामक सर्प ने डस लिया था और उनकी मौत हो गई थी। परीक्षित के पुत्र जन्मेजय सर्प से नाराज हो गए। सर्प के वंश को समाप्त करने के लिए सर्प की आहुति के लिए यज्ञ कराया था। देवकली में सर्प यज्ञ करने के लिए यहां एक कुंड खोदवाया गया था। उसी में सांपों की आहुति दी गई थी। इससे विश्व के तमाम सर्प उसमें जलकर समाप्त हो गए।