लखीमपुर खीरी जिले में जंगल के पेड़ों को सुखाने के लिए लकड़हारे अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं। जिसमें छाल छीलकर धीरे-धीरे पेड़ सुखा देने का तरीका काफी पुराना है। ऐसा ही एक मामला महुरेना बीट के जंगल का प्रकाश में आया है। असौवा गांव के नजदीकी जंगल में सैकड़ों पेड़ों की जड़ से करीब पांच फीट की ऊंचाई तक तने की छाल निकाल दी गई है। जंगल में इसी तरीके से कई पेड़ सुखा हुए भी खड़े हैं। हालांकि वन विभाग के कर्मचारी चरवाहों का कृत्य बता रहे हैं। जबकि जानकारों का कहना है कि लकड़हारे पेड़ सुखाने के लिए सबसे आसान तरीका अपनाते हैं। जिसमें गहराई से छाल निकल देने के बाद पेड़ धीरे-धीरे सूख जाता है।