जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने पराली (धान की पूआल/अन्य कृषि अपशिष्टों) के जलाये जाने के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए समीक्षा बैठक की। संबंधिक जिम्मेदारों को निर्देश दिया कि वो जिला और तहसील स्तर पर सचल दस्ते का गठन करें। इसके अलावा, प्रधानों को सम्मिलित करते हुये एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए और उस क्षेत्र में कहीं भी फसल अवशेष जलाये जाने की घटना होती है, तो संबंधित लेखपाल एवं ग्राम प्रधान व्हाट्सएप ग्रुप एव दूरभाष के माध्यम से सम्बन्धित तहसील स्तर पर गठित सचल दस्ते को तत्काल इसकी सूचना देगें।