सीताराम कॉलोनी स्थित आनंद घाट पर बनारस की तरह करीब एक करोड़ की लागत से आरती स्थल का निर्माण कार्य पर्यटन विभाग की कार्यदायी एजेंसी की ओर से कराया जा रहा। लेकिन काम बेहद धीमी गति से होने से अभी भी 40 फीसदी बाकी है, जबकि 15 जून काम खत्म करने की डेडलाइन थी। मानसून मानसून आ चुका है। गंगा का जलस्तर बढ़ा तो इस बार भी कार्य अधूरा ही रह जाएगा। पिछले साल जून माह में आरती स्थल का कार्य शुरू कराया गया था ताकि आनंद घाट का सुंदरीकरण हो सके और यहां आने वाले लोग आरती स्थल पर रहकर मां गंगा नदी की आरती ऊंचाई से कर सकेंगे। लेकिन 15 जून की डेडलाइन भी खत्म हो चुकी है। जबकि करीब 15 दिन पहले ही सदर विधायक पंकज गुप्ता ने पर्यटन विभाग के जेई व कार्यदायी एजेंसी के ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि नदी में जलस्तर बढ़ने से पहले ही कार्य पूरा हो जाए। लेकिन चार दिनों से कार्य रूका पड़ा है। अब तक 60 फीसदी कार्य हो सका है, जबकि डेढ़ माह में नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगेगा। ऐसेे में बाढ़ जैसे हालात घाट पर हो जाते है जिससे काम नहीं हो सकता है। सदर विधायक ने बताया कि वह संबंधित विभाग के जेई और कार्यदायी एजेंसी से बात करेंगे। मजूदरों की संख्या बढ़ाकर कार्य को समय से खत्म करने को कहेंगे।