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महापौर के बेटे के खिलाफ संत लाल हाते के लोगों ने खोला मोर्चा, कहा- बंटी की हाते पर है नजर

शिखा पांडेय Updated Sun, 04 Jan 2026 11:20 PM IST

कुछ पार्षदों और महापौर के पुत्र के खिलाफ चल रही खींचतान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हर्षनगर मोहल्ले की बस्ती संत लाल हाते में सीवर लाइन बिछाने की मांग को लेकर यहां के पार्षद पवन गुप्ता को सदन की बैठकों से निष्कासित किया गया था। रविवार को इसी हाते के रहने वाले लोगों ने नगर निगम आकर प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के सामने हाता बचाने को लेकर प्रदर्शन किया। यहां के लोग हाथों में तख्तियां लिए थे जिनमें लिखा था कि दलित बस्ती बिकेगी नहीं, महापाैर पुत्र बंटी पांडेय की मनमानी चलेगी नहीं। बस्ती के लोगों का आरोप है कि महापाैर के पुत्र अमित पांडेय उर्फ बंटी व अपने को उस हाते का कथित मालिक बताने वाला पवन कुमार बस्ती को प्राइवेट जमीन बताकर बेचना चाहते हैं। ऐसे में हाते के लोगों को घर से बेघर होने से बचाया जाए। सभी ने प्रभारी मंत्री को संबोधित ज्ञापन भी साैंपा। इसमें बताया गया कि बस्ती को 37 वर्ष पहले मलिन बस्ती घोषित किया गया। यहां पर सीवर लाइन का अभाव है। मात्र दस सीट का सुलभ शाैचालय हैं। तीन हजार की आबादी को सुबह घंटों लाइन में लगना पड़ता है। पिछले दिनों नगर निगम में सदन की बैठक में भी इसी बस्ती में सीवर लाइन का मामला उठाने के लिए पार्षद पवन गुप्ता ने अनुमति मांगी थी लेकिन उन्हें बोलने का समय नहीं दिया गया। बस्ती के लोग जिस समय विरोध प्रदर्शन करते पहुंचे उस समय प्रभारी मंत्री पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य पर आयोजित गोष्ठी में बोल रहे थे। रोशन लाल कुरील सहित बस्ती के लाेगों की ओर से प्रभारी मंत्री को दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि केडीए ने 2006 में ही संत लाल हाते के भूभाग को वहां के लोगों के लिए आवंटित कर दिया था। इसके लिए पांच हजार आवंटन शुल्क भी जमा कराया गया था। इन लोगों ने प्रभारी मंत्री के अलावा मुख्यमंत्री, दोनों डिप्टी सीएम, डीएम, नगर आयुक्त, सांसद और सभी विधायकों को भी ज्ञापन भेजकर इस हाते को गैर कानूनी तरीके से बेचने से रोकने की अपील की है।

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