वर्तमान में रहना ही आध्यात्मिकता है। शांत रहने और केंद्रित रहने से खुशी मिलती है। नकारात्मकता को अपने अंदर से निकालें तो मन शांत रहेगा। चाहे जितना पैसा हो, उससे खुशी नहीं मिलती। यह बात जीवन: खुशी की तलाश विषय पर आयोजित कार्यशाला में हार्टफुलनेस रिसर्च सेंटर हैदराबाद के निदेशक प्रोफेसर मोहनदास हेगड़े ने कही। मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश की हेल्थ एंड लाइफ स्टाइल मैनेजमेंट कमेटी के बैनर तले कार्यशाला का आयोजन मर्चेंट चैंबर हॉल में किया गया। इस मौके पर प्रोफेसर हेगड़े ने कहा कि निरंतर मानसिक और भावनात्मक दबाव के बीच संतुलित जीवन जिया जा सकता है। सकारात्मक सोच और आंतरिक शांति ही संतुलित जीवन का आधार है। आत्मा के लिए आनंद और मस्तिष्क के लिए शांति अत्यंत आवश्यक है।