एक तरफ सरकारी कागजों पर 2 लाख पौधों के 'महा-महोत्सव' की तैयारी है, तो दूसरी तरफ प्रशासन की नाक के नीचे चिरला गांव के कब्रिस्तान में हरे-भरे पेड़ों पर बेरहमी से आरा-कुल्हाड़ी चल रही है। साढ़ थाना का पांडु नदी किनारे बसे सीमावर्ती चिराला गांव जहां कब्रिस्तान में पुराने हरे भरे पेड़ खड़े हैं उसी में लकड़ी माफियाओं ने आरा कुल्हाङा चलाकर कई नीम के हरे भरे पौधे काट कर लकङी ठिकाना लगा रहे हैं।