पाप करने से डरें और जीवों पर दया करें। यह सोचना गलत है कि कोई देख नहीं रहा। क्योंकि परमात्मा परमात्मा सब जगह होता है, जो मनुष्य के कर्म के आधार पर उसके पाप और पुण्य के भागों को अलग कर उसका भाग्य लिखता है। यह बात सोमवार को पोनी रोड पर हो रही भागवत कथा में कथा व्यास संपूर्णानंद महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि मांस व मदिरा आदि तामसिक भोजन व्यक्ति को बुद्धिहीन बना देता है और वह पाप कर्म करने लगता है।