जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को किदवईनगर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और क्षयरोग केंद्र का निरीक्षण किया। पीएचसी में डॉक्टर समेत कुल पांच स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने और मुख्य चिकित्साधिकारी को कार्रवाई करने को कहा। ओपीडी रजिस्टर की जांच में पता चला कि 27 मार्च की प्रविष्टियों में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. स्मिता सिंह के हस्ताक्षर थे जबकि वह उस दिन प्रशिक्षण में थीं। मरीजों का विवरण किसी और चिकित्सक ने भरा था। जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी। वहीं, क्षयरोग केंद्र में तैनात 11 कर्मचारियों में से पांच अन्य स्थानों पर संबद्ध पाए गए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी से दो दिन में स्पष्टीकरण मांगा और सभी कर्मचारियों को तत्काल मूल तैनाती स्थल पर वापस तैनात करने के निर्देश दिए। कोविड काल से बंद टीबी वार्ड में मरीजों को भर्ती फिर से उपचार शुरू करने के निर्देश दिए।