करदाताओं को बड़ी राहत मिली है। तकनीकी खामियों से अवैध किए गए आयकर रिटर्न अब मार्च 2026 तक मान्य होंगे। इसके साथ ही उन्हें पुराने सालों के रिफंड भी मिल सकेंगे। इसके लिए जरूरी है कि पैन आधार से लिंक हो। कानपुर में पांच हजार से ज्यादा करदाताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। मर्चेंट चैंबर आफ उप्र की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता और सीए शिवम ओमर ने बताया कि आयकर कानून की धारा 119 के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने 28 जुलाई को पत्र जारी किया है।