बुंदेली प्रतियोगिता के आयोजन से क्षेत्र के प्रतिभागियों को प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है, सभी होनहार बच्चे आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का निखार जरूर करें। यह बात होली एरच महोत्सव के दूसरे दिन बुंदेली परंपरा की प्रतियोगिता में अव्वल आने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत करने दौरान पूर्व प्राचार्य परशुराम यादव ने कही। उन्होंने सभी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मेहनत ओर लगन से किया गया कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाता है। उन्होंने बच्चों को ऐतिहासिक नगर एरच के बारे में भी अवगत कराया। बुंदेली परंपरा की प्रतियोगिता में सुआटा, रंगोली, निबंध, चित्रकला, झिझियां, टेसू, उरेन प्रतियोगिता में भाग लेने वाले निर्णायक मंडल में रघुवीर सहाय, रघुवीर शरण खरे, रामदास कुशवहा, ताहिर अली, भागीरथ कुशवहा, प्रताप कुशवहा, भगवानदास वर्मा, प्रदीप गुप्ता, प्रीतम वर्मा द्वारा प्रतिभागियों का चयन कर उन्हें अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।