जौनपुर नगर कोतवाली क्षेत्र के मुल्ला टोला में दूसरे दिन भी कब्रिस्तान में शिवलिंग के विवाद को लेकर पुलिस सुरक्षा लगी रही। इस दौरान दोनों पक्षों द्वारा शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए विशेष प्रयास किया जाता रहा। लोगों ने बताया कि 15 साल पहले भी इस तरह का विवाद हुआ था जो आपसी समझौता के तहत सुलझाया गया। मुल्ला टोला निवासी राधेश्याम ने बताया कि करीब 15 साल पहले भी शिवलिंग स्थल पर विवाद हुआ था जो सुलह-समझौता के जरिए शांत किया गया था। यहां पर पीपल के पेड़ से निकले शिवलिंग को घेरने को लेकर विवाद हुआ था। तब से यहां पर शव को दफन करने के बाद पक्का घेरा नहीं किया जाता। अब्दुल कलाम ने बताया कि शाही ईदगाह के पेशे इमाम मौलाना जफर अहमद सिद्दीकी के समक्ष समझौता हुआ था। जिसमें शिवलिंग की बाउंड्री को लेकर विवाद था। इसमें सर्वसम्मति से तय हुआ था कि यहां किसी प्रकार का पक्का निर्माण नहीं किया जाएगा। जिसको भी जल चढ़ाकर पूजा करना हो वह कर सकता है किसी प्रकार की कोई मनाही नहीं है। जिस हाल में है उसी हाल में रहेगा। फिलहाल दो दिनों पहले एक बार फिर शिवलिंग को खंडित करने का आरोप लगाते हुए हिंदू पक्ष की तरफ से घेराव की मांग की गई। जिसके बाद से मामला तूल पकड़ा। इसको देखते हुए इस स्थल पर पीएसी तैनात कर दी गई। इस बाबत कोतवाल मिथिलेश मिश्र ने बताया कि मुल्ला टोला स्थित शिवलिंग स्थल पर पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम है। तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात की गई है।