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VIDEO: बीएसए के निलंबन के बाद अब दो जिला समन्वयक रडार पर, घूसखोरी प्रकरण में पुलिस की जांच तेज

ishwar ashish Updated Wed, 12 Nov 2025 03:37 PM IST

सवा दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अतुल तिवारी के निलंबन के बाद अब विभाग के दो जिला समन्वयक पुलिस के रडार पर हैं। बीएसए के निलंबन के बाद बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग के दफ्तर में सन्नाटा पसरा रहा। बताया जा रहा है कि बीते तीन माह में बीएसए पर दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं — एक रिश्वतखोरी से जुड़ा और दूसरा नियुक्ति में फर्जीवाड़े से संबंधित। विभागीय कर्मचारी फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वहीं, कोतवाली पुलिस ने घूसखोरी के आरोप की जांच तेज कर दी है। फर्नीचर आपूर्ति में घूसखोरी का आरोप ताजा मामला फर्नीचर आपूर्ति से जुड़ा है। मोतीगंज के ग्राम किनकी निवासी मनोज पांडेय, जो गुरुग्राम स्थित नीमन सीटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के एमडी हैं, ने न्यायालय के आदेश पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर के मुताबिक, जिले के 564 उच्च प्राथमिक एवं संकुल विद्यालयों में फर्नीचर आपूर्ति के लिए हुए करीब 15–16 करोड़ रुपये के टेंडर में उनकी कंपनी एल-1 घोषित हुई थी। आरोप है कि बीएसए अतुल तिवारी, जिला समन्वयक (जेम) प्रेमशंकर मिश्र और जिला समन्वयक (सिविल) विद्याभूषण मिश्र ने उनसे 15 प्रतिशत कमीशन (करीब 2.25 करोड़ रुपये) की मांग की। मनोज के मुताबिक, 4 जनवरी 2025 को बीएसए के आवास पर 22 लाख रुपये बीएसए को और चार-चार लाख रुपये दोनों समन्वयकों को दिए गए। बकाया रकम न देने पर उनका 50.38 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट रद्द कर दिया गया और फर्म को दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। बीएसए ने आरोपों से इनकार करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया।

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