यूपी के गोंडा में बाढ़ का खतरा कम नहीं हो रहा है। शनिवार की दोपहर एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर 106.450 मीटर दर्ज किया गया। यहां नदी खतरे के निशान से 38 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं अयोध्या में इसका जलस्तर 93.310 मीटर है। यहां नदी खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर बह रही है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बाढ़ प्रभावित नकहरा गांव का भ्रमण करके प्रभावित लोगों से बातचीत की। साथ ही राहत सामग्री वितरित की। बाढ़ के चलते विश्नोहरपुर के दत्तनगर, साकीपुर, व्योंदा, माझाराठ व जैतपुर में लोग पलायन करने को विवश हैं। पानी की अधिकता से लोगों का आवागमन और कामकाज पूरी तरह ठप है। दत्तनगर के बैसिया निवासी वीरेंद्र परिवार सहित मवेशियों संग सड़क पर आकर बस गए हैं। उन्होंने बताया कि घर पानी से जलमग्न हो गया है। इसलिए परिवार व मवेशियों सहित सूखे स्थान पर आकर रहने को मजबूर हैं। वहीं महंगूपुर, चौखड़िया, रघुनाथपुर के खेत-खलिहान चंहुओर पानी से घिरे हैं। धान व गन्ने सहित हरे चारे की फसलें डूब गई हैं। यहां के रहने वाले रामदेव यादव का कहना है कि अभी पानी ठंडा है तो कुशल है। अधिक समय तक पानी रुका रहा और धूप तेज हुई तो धान की फसल गल जाएगी। हरे चारे की फसल भी सूख जाएगी। शनिवार की दोपहर व्योंदा माझा गांव में बाढ़ पीड़ितों को राहत किट वितरित की गई। तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडेय ने व्योंदा माझा के पूरब पुरवा के लोगों को राहत किट सामग्री वितरित की।