क्षेत्र के सेल्हरापुर में सैयद यासीन शाह के दरगाह पर चल रहे 44 वें सालाना उर्स का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। इस दौरान दरगाह प्रमुख ने दूरदराज से पहुंचे जायरीन की सलामती के लिए बाबा से दुआएं मांगी। बुधवार की पूरी रात बाबा की शान में कौव्वालों ने कौव्वाली प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इस दौरान अलीगढ़ से पहुंचे कौव्वाल समीम अनवर ने "मुझसे न टकराएं कोई चीन हो या पाकिस्तान.. मेरे भारत से टकराना अब यह खेल नहीं है आसान" प्रस्तुत करते ही तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा महफिल गूंज उठा। उर्स समापन के बाद दूसरे प्रांतों से आए जायरीन अपने गन्तव्य को निकल गए।