बाघ के जबड़े से पिता ने बेटे को बचाया: खेत में घास काटते समय बोला हमला, शोर को हथियार बनाकर भगाया शिकारी
गन्ने के खेत में घास काट रहे बेटे पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। बाघ के हमले से बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। बेटे की चीख-पुकार सुनकर पिता शिवकरण लाल ने बिना अपनी जान की परवाह किए बाघ का सामना किया।
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यूपी के लखीमपुर खीरी स्थित बरबर क्षेत्र में गलरई भट्टे के समीप शुक्रवार को गन्ने के खेत में घास काट रहे किसान पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। बाघ के हमले से गांव ककराही निवासी किसान केपी जोशी (22) पुत्र शिवकरण गंभीर रूप से घायल हो गया। बेटे की चीख-पुकार सुनकर पिता शिवकरण लाल बिना अपनी जान की परवाह किए बाघ का सामना करते हुए शोर मचाने लगे।
कई किसानों ने मिलकर मचाया शोर
शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे किसान भी मौके की ओर दौड़ पड़े। कई किसानों के एक साथ शोर मचाने पर बाघ घायल किसान को छोड़कर गन्ने के खेत में भाग गया। बाघ के चंगुल से निकलने के बाद केपी जोशी लड़खड़ाते हुए खेत से बाहर आए और बेहोश हो गए।
परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस की मदद से घायल किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदी पहुंचाया। वहां स्थित नाजुक देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल शाहजहांपुर रेफर कर दिया गया है।
बाघ के हमले से दहशत में इलाका
घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। बाघ के हमले के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। मौके पर रेंजर निर्भय प्रताप शाही, डीएफओ साउथ तापस मिहिर पहुंचे। वन रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि हमला करने वाला वन्यजीव तेंदुआ लग रहा है। कैमरे लगाए गए हैं। कैमरे की नजर में आने पर सही बताया जा सकता है।