नगर में दवा व्यवसायी हत्याकांड में शहर के दो व्यवसायियों को साजिशकर्ता के रूप में जेल भेजे जाने का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। विधायक के घर के बाहर धरने के बाद अब जायसवाल सभा मुगलसराय की ओर से शुक्रवार को डीएम, एसपी और सांसद वीरेंद्र सिंह को पत्रक सौंपा गया। जायसवाल सभा के लोगों ने दोनों व्यवसायियों को फर्जी तरीके से हत्याकांड में फंसाये जाने का आरोप पुलिस पर लगाया है। डीएम, एसपी और चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह को दिये पत्रक में जायसवाल सभा मुगलसराय की ओर से आरोप लगाया कि 21 नवंबर को पुलिस ने फोन करके नगर के दो व्यवसायी ओमप्रकाश जायसवाल और मनोज जायसवाल को थाने बुलाया। इसके बाद उन्हें वहां बैठा लिया। आरोप लगाया कि परिवार के लोग बैठाये जाने का कारण लगातार पूछते रहे तो पुलिस कहती रही पूछताछ करके दो से तीन घंटे में छोड़ देंगे लेकिन बाद में उन्हें साजिशकर्ता के रूप में जेल भेज दिया। जायसवाल सभा की ओर से प्रशासन से सवाल भी पूछे गये कि पुलिस का दावा है कि उन्होंने 300 कैमरे को खंगाला तो कितने में ये लोग नजर आये। सवाल किया कि शूटर और दोनों व्यपारियों के बीच बातचीत का कोई इलेक्टि्रक साक्ष्य है जिसमें दोनों व्यापारियों की शूटर से वार्ता हुई हो। सवाल किया कि यदि 300 सीसी कैमरों की मदद से शूटरों की शिनाख्त हो गई है तो उसे मीडिया या पीड़ित परिवार से साझा क्यों नहीं किया। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, राहुल जायसवाल, केदार जायसवाल, सिद्धांत जायसवाल, सुनील जायसवाल, अर्पित जायसवाल, अमरनाथ जायसवाल, मंगल जायसवाल आदि मौजूद रहे।