भाकपा (माले) के नेताओं की गिरफ्तार अलोकतांत्रिक है। मजदूर विरोधी चार श्रम कोड वापस लो, मनरेगा के बदले जी राम जी नहीं चलेगा, दलितों आदिवासियों गरीबों का जल जंगल जमीन पर अधिकार बहाल करो सहित तमाम नारों के साथ वामपंथी दलों का मार्च मंगलवार को मां काली मंदिर पोखरे से सहदुल्लापुर तिराहे होते हुए गांधीपार्क पहुंच कर प्रतिरोध सभा किया गया। सभा मे वामपंथी नेताओं ने कहा कि योगी सरकार में प्रशासन की मनमानी कार्रवाइयों, पुलिस द्वारा प्रमुख वामपंथी नेताओं को फर्जी मामले में फंसाकर जेल भेजने और गंभीर उत्पीड़न करने की कार्रवाई कर रही है, जिसका ताजा उदाहरण भाकपा (माले) के उत्तर प्रदेश सचिव सुधाकर यादव और राज्य कमेटी की सदस्य जीरा भारती को मिर्जापुर में 3 जनवरी को दोपहर बाद अदलहाट थाना क्षेत्र में गिरफ्तार करना जब की दोनों नेता एक दिवंगत सदस्य की अंत्येष्टि में भाग लेकर बनारस से लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना कोई कारण बताये एवं बगैर कोई वारंट दिखाये गिरफ्तार किया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें किस कारण या किस मामले में ले जाया जा रहा है। इस अवसर पर भाकपा (माले) राज्य स्थाई समिति सदस्य चंदौली जिला सचिव अनिल पासवान, माकपा जिला सचिव शम्भुनाथ यादव, सीपीआई नेता शिवमूरत राम, विजई राम, जयनाथ राम, परमानंद मौर्य, राम वचन वनवासी, लालचंद सिंह एडवोकेट, रामनिवास पांडेय, राजेंद्र यादव, भृगुनाथ विश्वकर्मा आदि वक्ताओं ने संबोधित किया। अध्यक्षता खेत मजदूर यूनियन के नेता जयनाथ राम ने की। संचालन अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा चंदौली जिला सचिव रामायण राम ने किया।