राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात बुधवार को राजकीय गेस्ट हाउस सभागार में जनसुनवाई की। उन्होंने महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में कुल 21 मामले सामने आए। इसमें अकेले घरेलू हिंसा के नौ और दहेज उत्पीड़न से जुड़े छह मामले आए। इस दौरान 17 मामलों का निस्तारण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतें किसी भी विभाग में लंबित न रहे। उन्होंने शासकीय व निजी कार्यालयों, संस्थाओ, संगठन, उत्पाद, विक्रय, वितरण व सेवा केन्द्र, शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थानो, नर्सिंग होम और अस्पतालों के प्रबंधक एवं अफसरों को निर्देश दिया कि जहां महिलाओं संग 10 पुरूष से अधिक कर्मचारी हो वहां आंतरिक परिवाद समिति का तत्काल गठन किया जाए। उन्होंने कहा जिन कार्य स्थलो में समिति का गठन नही पाया जाएगा उन पर 50 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। महिला एवं कल्याण विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कन्या सुमंगला योजना, स्पांसरशिप समेत अन्य योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। उन्होने सभी विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद वह जिला अस्पताल ज्ञानपुर पहुंची। यहां के इमरजेंसी से लेकर अन्य वार्डो में जाकर मरीजों से मिली। सरकार से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर प्रोबेशन अधिकारी शत्रुघ्न कन्नौजिया, महेंद्र गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, सीडीपीओ मंजू वर्मा आदि रहीं।