जब हम कभी किसी आपात परिस्थिति में फंसते हैं तो हमारी हिम्मत हमें मुसीबत से निकालती है। किसी भी अनहोनी की आशंका में सबसे पहले सतर्क हो। उसकी बाद अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें। राह चलते तमाम शोहदे आपको फब्तियां कसते या फिर छेड़खानी करते हैं तो आप आत्मरक्षा के तौर तरीकों से अपनी सुरक्षा कर सकते हैं। यह बातें जिला ताइक्वांडो संघ सचिव सत्यम शुक्ला ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज, गोपीगंज में बच्चियों को आत्मरक्षा के गुण सिखाते हुए कही। ताइक्वाडों खिलाड़ी सुदीक्षा गुप्ता और रोहित बिंद ने बच्चियों को प्रशिक्षित किया। बताया कि कैसे हम राह चलते शोहदों को सबक सीखा सकते हैं। इसके अलावा इन परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा कैसे कर सकते हैं। बच्चियों को यह भी बताया कि किसी के हाथ उठाने या वार करने पर हम कैसे अपने आपको बचाएं। दोनों खिलाड़ियों ने डेमो भी दिया। इसके बाद कुछ बच्चियों ने मंच पर आकर उसका प्रदर्शन किया। ताइक्वाडों प्रशिक्षक सत्यम ने बताया कि हम घरेलू काम काज करते हुए भी अपने शरीर को मजबूत बना सकते हैं। छोटी-छोटी चीजों को अपनाकर हम बेहतर तरीके से अपने आपको खुद प्रशिक्षित कर सकते हैं। कॉलेज की प्राधानाचार्य डॉ. निरूपमा मिश्रा ने बताया कि आज के दौर में बेटियों का मजबूत होना बहुत जरूरी है, जब तक बेटियां अपनी सुरक्षा खुद से करना नहीं सीखेंगी, तब तक राह चलते लड़के बच्चियों को परेशान करते रहेंगे। ताइक्वाडों एक ऐसा खेल है। जिससे हम अपनी सुरक्षा भी कर सकते हैं। मौके पर अनीता देवी, लक्ष्मी पटेल, अंतिमा दीक्षित, रंजना सिंह, इन्दू तिवारी, प्रमिला दूबे, रूबी गुप्ता, श्रद्धा पाठक, प्रशांत मिश्रा समेत करीब 250 बच्चियां मौजूद रहीं।