ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि जो लोग हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रहे हैं। वो उनकी ज़हनी दिवालियापन की बातें हैं। हिजाब एक लिबास है जो मुस्लिम महिलाएं अपने आप को ढंकने के लिए पहनती हैं। मौलाना ने कहा कि भारत का संविधान हर पुरुष और महिला को इस बात की इजाजत देता है कि हर शख्स अपनी मर्जी के मुताबिक जो लिबास पहनना चाहे पहने, जो खाना चाहे वो खाए। आज देश में इस तरह की अजीब सी बातें उभर रही हैं कि लिबास पहनने और किचन में क्या खाना बनेगा, उस पर निर्णय लेने का अधिकार दूसरे लोग तय करेंगे। इस तरह की बातें करने वाले लोग समाज में नफरत फैला रहे हैं।