एक शिक्षक अपनी सारी उम्र विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में शिक्षित करने के साथ ही उन्हें समाज में मर्यादा एवं सिद्धांतपूर्वक जीवन निर्वाह करने की शिक्षा देता है, लेकिन जब वह अवकाश प्राप्त कर अकेले में जीवन निर्वाह करता है तो उसे एकाकीपन महसूस होता है। शिक्षक दिवस के अवसर पर मंगल पांडे विचार मंच के लोगों ने शुक्रवार को एक ऐसे ही शिक्षक को खोज निकाला और उन्हें सम्मानित भी किया। जी हां हम बात कर रहे हैं दुबहर गांव निवासी शिवजी यादव की, जिन्होंने महर्षि दयानंद स्कूल में बतौर अध्यापक की हैसियत से पूरी लगन और निष्ठा से बच्चों को पढ़ाया। आज उन्हीं के द्वारा पढ़ाए गए अनेक विद्यार्थी ऊंचे ऊंचे पदों को सुशोभित कर रहे हैं, लेकिन शिवजी यादव अकेले एक संत की भांति एक पेड़ के नीचे कुटिया डालकर अपने 80 वर्ष की अवस्था में अपने आसपास के लोगों को अपने स्वभाव और गुण के अनुसार मर्यादा और संस्कार का पाठ बराबर पढ़ रहे हैं। मंगल पांडे विचार मंच ने शिक्षक दिवस के अवसर पर उनके कुटिया पर पहुंचकर उन्हें अंग वस्त्रम स्मृति चिन्ह एवम अन्य सामग्री से सम्मानित किया। इस मौके पर मंगल पांडे विचार मंच के अध्यक्ष कृष्णकांत पाठक, अरुण कुमार, विवेक सिंह, नितेश पाठक, अभिषेक चौबे, रणजीत सिंह, रमेश चंद्र गुप्ता, गणेश सिंह, राजनाथ सिंह, पन्नालाल गुप्ता, ओमप्रकाश त्रिपाठी, धीरज यादव आदि रहे।