सुखपुरा थाना क्षेत्र के घोसवती गांव में तीन मई को दर्जनों वाहनों के साथ हमला बोलकर चक्की मालिक अजय तिवारी के अपहरण के मामले में मंगलवार को पुलिस को बड़ी राहत मिली। अपहृत चक्की मालिक स्वयं एसपी आफिस में पहुंचा और स्वयं घर से जाने की बात स्वीकार की। कथित अपहरण के इस मामले में पुलिस की पिछले 10 दिनों से काफी किरकिरी हो रही थी। लापरवाही और आरोपियों से साठगांठ से जैसे गंभीर आरोपों को झेलना पड़ रहा था। पिछले 10 दिनों से घोसवती गांव में राजनीतिक दलों के नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ था। दबाव में एसपी को तत्कालीन थाना प्रभारी सुखपुरा रामायाण सिंह को हटाना भी पड़ा था। यह था मामला घोसवती गांव में 30 अप्रैल को रामाश्रय यादव के घर बरात आई थी। बरात में शामिल दो युवक अजय तिवारी के दरवाजे पर लघुशंका करने लगे। अजय तिवारी के पुत्र मृत्युंजय तिवारी ने मना किया तो युवकों ने उसकी पिटाई कर दी थी। मृत्युंजय के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। डायल-112 पुलिस ने दो युवक को हिरासत में लिया था। लिया। मेडिकल मुआयना करने के बाद मुकदमा दर्ज कर आरोपियों का शांति भंग में चालान कर दिया था। मृत्युंजय तिवारी का आरोप लगाया था कि आरोपी के साथ पुलिस समझौता का दबाव बना रही थी। समझौता नहीं करने पर तीन मई की रात दर्जनों बाइक व चार पहिया वाहन से पहुंचे बदमाशों ने तांडव कर अजय तिवारी को अगवा कर लिया। घटना को लेकर काफी आक्रोश था। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। राजनीतिक दलों का भी काफी दबाव था। वायरल हुआ था वीडियो एक दिन पहले अजय तिवारी का दो दिनों से क्षेत्र में दिखाई देने की चर्चाएं जोरों पर थी। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा था। वायरल वीडियो गड़वार तिराहा का बताया जा रहा था। इसे लेकर भी पुलिस जांच कर रही थी। मंगलवार को पुलिस लाइन में एसपी ओमवीर सिंह ने बताया कि अपहृत अजय कुमार तिवारी की बरामदगी के लिए जगह जगह सीसीटीवी फुटेज व इलेक्ट्रानिक माध्यम से सुरागरसी की जा रही थी। 12 मई की शाम अजय कुमार तिवारी एसपी कार्यालय में स्वयं उपस्थित हुए। बताया कि मेरा अपहरण नहीं हुआ था। मै स्वयं से चला गया था। अजय कुमार तिवारी ने बताया कि 30 अप्रैल को उनके पुत्र महामृत्युजंय तिवारी व परिजनों के साथ हुई मारपीट के काफी व्यथित थे. तीन मई रात एक-दो बजे के बीच अपनी पत्नी को बता कर घर से निकल गया था। पैदल ही खेत के रास्ते बरवां से बलिया होते हुए गंगाजी के किनारे होता हुआ जमनिया चन्दौली बार्डर तक चला गया। 11 मई को चिंता हुई कि परिवार वाले परेशान हो रहे होंगे। इसलिए जमनिया से ट्रेन पकड़कर वापस बक्सर आया। बक्सर से आटो पकड़कर बलिया आया। बलिया से नारायण पाली या और अपने कई परिचितों से मिला। कुछ परिचितों ने बताया कि परिजनों ने अपहरण का मुकदमा लिखवाया है। इसके बाद एसपी कार्यालय आया। एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि अजय तिवारी की सकुशल वापसी के तथ्यों का मिलान कराया जा रहा है। अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।