बागपत में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परंपरा के अनुसार ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा का आयोजन किया। इस बार जिले के विभिन्न गांवों-दाहा, दोघट, छपरौली, बिनौली, बड़ौत, सिंघावली, बालेनी, खेकड़ा, रटौल, दिकोली, अग्रवाल मंडी टटीरी और बागपत-से 500 से ज्यादा ट्रैक्टर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यात्रा के दौरान दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाइवे पर तीन से चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कलेक्ट्रेट परिसर के लोकमंच में आयोजित पंचायत में किसानों ने कई मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की। उनकी प्रमुख मांगों में गन्ना भुगतान, ट्रैक्टर को कृषि यंत्र की श्रेणी में शामिल करना, आवारा गोवंश को पकड़वाना और स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध शामिल थे। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर और दिल्ली-एनसीआर महासचिव प्रदीप गुर्जर ने कहा कि हर साल की तरह यह तिरंगा यात्रा किसानों के अधिकारों के लिए एक प्रतीक है, लेकिन सरकार लगातार मांगों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर दोघट से राजेंद्र चौधरी, हिम्मत सिंह, विनोद चौधरी, नीरज और विजयपाल समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।