मुसाफिरखाना कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मियों पर नाबालिग बच्चों के साथ बर्बरता का आरोप लगा है। घटना 30 जून को सामने आई, जब कुछ बच्चों को आयल चोरी के संदेह में थाने बुलाया गया। परिजनों का कहना है कि वहां बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार और मारपीट की गई। बच्चों के शरीर पर गंभीर चोट के निशान देखकर परिजन हैरान रह गए। उन्होंने आरोप लगाया कि थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने बच्चों को बेरहमी से पीटा और जबरन कबूलनामे का दबाव बनाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मंगलवार को अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा से मिले और पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत सौंपी। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद पुलिस कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक जांच के आधार पर सिपाही संतोष कनौजिया और अर्धेंदु चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसपी ने बताया कि मामले की जांच एएसपी शैलेंद्र कुमार को सौंपी गई है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुसाफिरखाना कोतवाली पूर्व में भी विवादों में रह चुकी है। हाल ही में इसी कोतवाली के एक उपनिरीक्षक का पंडित जी बुकिंग नामक ऑडियो वायरल हुआ था, जिस पर भी पुलिस की छवि पर सवाल उठे थे।