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VIDEO: हापुड़ डीएम के खिलाफ धरने पर बैठे लेखपाल, सहकर्मी की मौत से आहत कर्मचारियों ने चारों तहसीलों में रोका कामकाज

ishwar ashish Updated Mon, 14 Jul 2025 06:36 PM IST

हापुड़ में लेखपाल सुभाष मीणा की संदिग्ध हालात में हुई मृत्यु से क्षुब्ध होकर सोमवार को गौरीगंज, अमेठी, तिलोई और मुसाफिरखाना तहसीलों में लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। लेखपाल संघ ने घटना को अमानवीय प्रशासनिक रवैये का परिणाम बताया और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई। साथ ही हापुड़ के डीएम को भी आड़े हाथों लिया। लेखपालों ने सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक कामकाज ठप रखा। गौरीगंज तहसील में संघ के अध्यक्ष कुलदीप यादव ने कहा कि कुछ अधिकारियों में प्रचार की ललक के कारण अधीनस्थों के साथ दुर्व्यवहार की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे कर्मचारी मानसिक दबाव में हैं। आरोप लगाया कि ग्राम चौपाल में ग्रामीण की शिकायत पर जिलाधिकारी ने लेखपाल सुभाष मीणा को सुने बिना अपमानित कर बाहर निकाल दिया। उपजिलाधिकारी से भी उन्हें कोई सहारा नहीं मिला। इससे व्यथित होकर सुभाष ने तहसील परिसर में विषाक्त पदार्थ खा लिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। धरना स्थल पर लेखपालों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत सहकर्मी को श्रद्धांजलि दी। संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मृतक आश्रित को तत्काल आर्थिक सहायता देने, परिवार के योग्य सदस्य को नौकरी देने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। संघ पदाधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। सभी तहसीलों में कर्मचारियों ने अधिकारियों से मर्यादित और संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा भी जताई। गौरीगंज में जनार्दन मिश्रा, राकेश गुप्ता, अनूप गुप्ता, मनीष सरोज, अरविंद कुमार, त्रिभुवन कुमार, विशाल श्रीवास्तव उपस्थित रहे। अमेठी में प्रभात कुमार सिंह, रितु मौर्य, प्रेम बहादुर, अजय कुमार शामिल रहे। तिलोई में अनूप सिंह और कामता प्रसाद मौजूद रहे। मुसाफिरखाना में गंगा प्रसाद मिश्र, अरुण दोहरे सहित कई लेखपाल शामिल हुए।

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