गर्मी की छुट्टियों के बाद मंगलवार को जिले के 1570 परिषदीय विद्यालय खुल गए। नए शैक्षिक सत्र के पहले दिन बच्चों का रोली-चंदन लगाकर और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कई विद्यालयों को गुब्बारों और रंगोली से सजाया गया था। हालांकि भीषण गर्मी और विद्यालय खुलने की जानकारी समय पर न मिलने के कारण अधिकांश स्कूलों में छात्र उपस्थिति अपेक्षा से कम रही। वहीं कई विद्यालयों में साफ-सफाई और मूलभूत व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे। विद्यालय खुलने को लेकर शिक्षकों ने विशेष तैयारियां की थीं। स्कूल पहुंचे बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कई जगह उन्हें चॉकलेट, पेन और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में बच्चे पहले दिन विद्यालय नहीं पहुंचे। शिक्षकों के अनुसार मौसम और सूचना के अभाव का असर उपस्थिति पर पड़ा है। दूसरी ओर, कई विद्यालयों में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं मिल सकी। शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय खुलने से पहले ग्राम प्रधानों और नगर निकायों से संपर्क कर सफाईकर्मियों को भेजने का अनुरोध किया गया था, लेकिन कई स्थानों पर कोई सहयोग नहीं मिला। इससे परिसर और शौचालयों की सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। कुछ विद्यालयों में शिक्षकों ने स्वयं सफाई कराकर व्यवस्थाएं संभालीं। विद्यालयों में पेयजल, शौचालय और परिसर की साफ-सफाई को लेकर भी चर्चा रही। हालांकि अधिकांश विद्यालयों में पठन-पाठन सामान्य रूप से शुरू हो गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालयों में उपस्थिति, पठन-पाठन और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि जिले के सभी 1570 परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरू हो गया है। कुछ स्थानों पर छात्र संख्या कम रही है, लेकिन आने वाले दिनों में उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद है। विद्यालयों की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।