ठंड के चलते आंखों में एलर्जी, सूखापन व नजर में धुंधलापन के मरीज बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 40 फीसदी मरीज इससे पीड़ित पहुंच रहे हैं। नेत्र विशेषज्ञ के अनुसार मरीज की आंखों में जलन, खुजली, पानी आना और सूखापन की समस्याएं ज्यादा देखने में आ रही हैं। मंगलवार को 37 लोगों की आंखों में लक्षण मिलने पर चिकित्सक ने परामर्श दिया। धान की मड़ाई के साथ हवा में मिश्रित धूल कण आंखों की सेहत को बिगाड़ रहे हैं। इसके अलावा सर्दियों में लोगों को खांसी-जुकाम की समस्या होती है। लोगों के खांसने और छींकने से आंखों में एलर्जी की समस्या हो रही है। मंगलवार को नेत्र सर्जन डॉ. राजीव वैश्य की ओपीडी में मिले मरीज दिनेश कुमार ने बताया कि दो दिनों से उनकी आंखों में लालिमा, खुजलाहट के साथ पानी गिर रहा है। चिकित्सक को दिखाया है, दवा देने के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं विमला देवी ने बताया कि धान की पिटाई का कार्य चल रहा है। सोमवार सुबह से आंख में दिक्कत आ गई, कुछ धुंधलापन भी है। चिकित्सक ने दवा देने के साथ ही चश्मा पहनकर कार्य करने व अन्य सावधान बरतने को कहा है। डॉ. राजीव वैश्य ने बताया कि सर्दी से बचने के लिए लोग अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं, जिससे आंखों की नमी सूख रही है। इससे आंखों में ड्राइनेस की समस्या बन रही है। इसके साथ ही लोगों की आंखों में खुजली हो रही है। आंखों में खुजली आने के बाद तो कुछ लोगों को धुएं व वातावरण में फैले धूल के कण की वजह से इन दिनों एलर्जी हो रही है। समस्या बढ़ने पर लोगों की आंखें लाल होने के साथ-साथ सूजन और नजर धुंधली की समस्या हो रही है। बताया कि सर्दी में आंखों का विशेष ध्यान रखें। कोई भी समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श के बाद दवा का सेवन करें। ऐसे करें बचाव हीटर, अलाव के पास ज्यादा न बैठें। खांसते, छींकते समय मास्क लगाएं। आंखों में सूजन होने पर हथेली या कपड़े से सिकाई करें। बिना परामर्श आंखों में कोई भी दवा न डालें।