1995 में मायावती ने मुख्यमंत्री बनने के साथ ही डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से न सिर्फ जिले का गठन किया, बल्कि विकास की धुरी पर लाकर खड़ा कर दिया। आज उसी जिले में बसपा का सूपड़ा साफ हो चुका है। लोकसभा तो दूर पांच विधान सभा में से एक पर भी बसपा का प्रतिनिधित्व नहीं है। कांशीराम जयंती पर अंबेडकरनगर के हर व्यक्ति तक पूर्व मुख्यमंत्री का संदेश पहुंच सके, इसलिए प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने स्वयं यहां के लोगों की भागीदारी बढ़ाने की कमान संभाल रखी है। बसपा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार सावंत ने बताया कि महासंकल्प रैली के लिए 198 सेक्टर में 165 बसें लगाई गई हैं। तमाम कार्यकर्ता ट्रेनों से भी लखनऊ गए हैं। करीब 350 चौपहिया वाहनों से भी लोग रैली में पहुंचेंगे। करीब दो हजार कार्यकर्ताओं के पहुंचने की संभावना है।