टप्पल में यमुना एक्सप्रेस वे इंटरचेंज के नीचे 30 जुलाई दोपहर को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की महापंचायत हुई। किसानों ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्यौगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा अधिग्रहीत की गई जमीन का शेष मुआवजा बाजार भाव के अनुसार देने की मांग जोर-शोर से उठाई, तय हुआ कि सितंबर तक अगर शेष मुआवजा नहीं दिया गया तो किसान अपनी जमीनों पर काम शुरू कर देंगे। भाकियू नेता विमल तोमर ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2010 से 2013 के बीच हुए सौदों में मुआवजा राशि कम दी थी। इसके बाद अदालत के आदेश पर 64.7% अतिरिक्त मुआवजा देना तय हुआ था। इसके साथ ही 10% की धनराशि के प्लॉट तत्काल दिए जाने का आदेश दिया गया था, लेकिन डेढ़ दशक बाद भी इस पर अमल नहीं हुआ है, जिससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। जब तक यह धनराशि और प्लॉट नहीं मिलते, तब तक नई योजनाओं के लिए अधिग्रहण नहीं होने दिया जाएगा।