श्री गोवर्धन महाराज तेरे सिर पर मुकुट बिराज रह्यौ, जैसे भजनों के बीच 22 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा का त्योहार श्रद्धापूर्वक मनाया गया। श्रद्धालुओं ने मां अन्नपूर्णा का पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। शाम को गोबर से गिरिराज महाराज की आकृति बनाकर अनाज, फल, दूध, माखन, मिश्री से उनका पूजन किया गया और सपरिवार परिक्रमा लगाई। श्री गुरू ज्योतिष शोध संस्थान गुरू रत्न भंडार पर गोवर्धन पूजा का आयोजन किया, जिसमें संस्था के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने 97 वर्ष पुरानी परंपरा को जीवित रखते हुए अपने निज निवास पर श्री गोवर्धन महाराज का भव्य निर्माण किया। जिसे गाय-भैंस के शुद्ध गोबर से सुंदर आकर्षक पोशाकों आभूषणों, रंग विरंगे गुलालों से प्रभु को सजाया गया।