तहसील सदर परिसर में सोमवार को तीन घंटे अफरा-तफरी मची रही। अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एक फरियादी का परिवार एसडीएम की गाड़ी के आगे लेट गया। करीब तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। हंगामे से पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में शाहगंज थाने से फोर्स बुलानी पड़ी। एसडीएम द्वारा मौके पर जाकर जांच करने के आश्वासन के बाद ही परिवार एसडीएम की गाड़ी के सामने से हटा। ग्राम बांईपुर निवासी दिव्यांग किशन सिंह बघेल, मनीष और शारदा देवी सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे तहसील मुख्यालय पहुंचे थे। शारदा देवी का आरोप है कि वे पिछले तीन महीने से कार्रवाई के लिए भटक रहे हैं। उनके परिवार के ही एक दबंग व्यक्ति ने उनकी जमीन पर दीवार खड़ी कर अवैध कब्जा कर लिया है। जब उन्हें लगा कि सुनवाई नहीं हो रही, तो उन्होंने एसडीएम के वाहन का रास्ता रोक लिया और वहीं जमीन पर धरने पर बैठ गए। एसडीएम सचिन राजपूत ने पीड़ित परिवार को साथ ले जाकर नायब तहसीलदार और क्षेत्रीय लेखपाल की टीम के साथ तत्काल मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मामला आपसी पारिवारिक विवाद का निकला। एसडीएम ने बताया कि विवाद खसरा संख्या 1033 को लेकर है। राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि बंजर दर्ज है, लेकिन चकबंदी के आकार पत्र-41 और सजरे में इसे सामान्य आबादी दिखाया गया है। मौके पर चकबंदी के समय से ही पुराने कच्चे-पक्के मकान बने हुए हैं।