आगरा में रक्षाबंधन पर जिला और सेंट्रल जेल पर सुबह से ही बंदी भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों की कतार लग गई। बारिश भी उनके हाैसले को तोड़ न सकी। जेल में बंद भाइयों की झलक पाते ही बहनों की आंखों से आंसू निकल आए। गले मिलकर भावुक हो गईं। भाइयों ने जेल से बाहर निकलकर ईमानदारी से जीवन जीने का बहनों को आश्वासन देकर राखी बंधवाई। जिला जेल में रक्षाबंधन पर 1478 बहनों ने 890 बंदियों के राखी बांधी। 515 बच्चों समेत 1993 महिला-पुरुषों ने जेल में बंद अपने परिजन से मुलाकात की। जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन पर जेल प्रशासन ने दूर दराज से आने वाली बहनों के ठहरने के लिए टेंट लगाया था। हेल्प डेस्क पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई थी। जो बहनें अपने साथ राखी नहीं लाईं थीं, जेल प्रशासन ने उनके लिए राखी, रोली व चावल और मिठाई की व्यवस्था की। जेल में बंद 4 बहनों के भाई भी राखी बंधवाने आए थे।