पटाखों और वाहनों के धुएं से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। लोगों को गले में खराश, सीने में जकड़न, खांसी की परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा अस्थमा और सांस रोगियों को दिक्कत हो रही है। फेफड़ों में धूल-धुआं भरने से पांच लोगों को अस्थमा अटैक आया। उनका इलाज एसएन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। एसएन के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डाॅ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि त्योहार पर पटाखों और वाहनों के अधिक आवागमन से प्रदूषण का स्तर हवा में बढ़ गया है। इनमें खतरनाक तत्व होने के कारण सांस नलिकाओं और फेफड़ों में संक्रमण हो रहा है। इसके कारण अस्थमा और सांस रोगियों की सांस उखड़ रही है।