आगरा में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाओं का कार्यक्रम बदलने के बाद अब 31 मार्च तक परिणाम घोषित करने की समय सीमा शिक्षकों के लिए चुनौती बन गई है। परीक्षाएं 28 मार्च को समाप्त हुईं, जबकि बीच में रविवार और अवकाश के चलते मूल्यांकन के लिए कम समय बचा यानी 1 ही दिन शेष है। पहले परीक्षाएं 20 मार्च तक समाप्त होनी थीं, लेकिन कक्षा 5 और 8 की कुछ परीक्षा पहले 24 मार्च को कर दी गई फिर स्थगित कर 28 मार्च कर दी गई। इससे शिक्षक लगातार इंतजार में रहे और मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो सका। अब 30 मार्च को स्कूल खुलने के बाद केवल एक दिन में कॉपियां जांचने, रिजल्ट तैयार करने, वितरण करने के साथ ही पास छात्रों को टीसी देने और 1 अप्रैल से नए सत्र की तैयारी का दबाव आ गया है। जिला महामंत्री यूटा राजीव वर्मा ने कहा कि एक दिन में कॉपियां जांचना, परिणाम तैयार करना और वितरण करना संभव नहीं है। बार-बार परीक्षा तिथि बदलने से पूरा शेड्यूल प्रभावित हुआ है। ऐसे में परीक्षा की गुणवत्ता और गरिमा पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने विभाग से मांग की कि परीक्षा और परिणाम के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। शिक्षकों का कहना है कि इस बीच वे अन्य प्रशासनिक और निर्वाचन कार्यों में भी लगे रहे, जिससे मूल्यांकन के लिए समय नहीं मिल सका। अब अचानक बढ़े कार्यभार से परेशानी और बढ़ गई है।