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रीवा से शर्मनाक तस्वीर: ड्रम पर शव रखकर पार कराया पानी से भरा रास्ता, ग्रामीणों को पंचायत से नहीं मिली मदद

Mon, 24 Aug 2026 02:18 PM IST
रीवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा Published by: रीवा ब्यूरो Updated Mon, 24 Aug 2026 02:18 PM IST
सार

रीवा के रौली गांव में बाढ़ के कारण रास्ता बंद होने पर ग्रामीणों ने ड्रम बांधकर उसके ऊपर शव रखा और पानी पार कराकर घर तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों पर मदद से इनकार करने का आरोप लगाया है और प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है।

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Rewa Villagers Carried Dead Body on Drum to Cross Flooded Road No Help from Panchayat
परिवार को अंतिम यात्रा में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

रीवा जिले के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के जवा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत रौली में बाढ़ के कारण एक परिवार को अंतिम यात्रा में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रौली निवासी मोतीलाल तिवारी का संजय गांधी अस्पताल, रीवा में निधन हो गया था। अस्पताल से उनका शव गांव स्थित निवास पर लाया गया, लेकिन बाढ़ के पानी के कारण घर तक पहुंचने का रास्ता बाधित था।

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ऐसे में ग्रामीणों ने ड्रम को आपस में बांधकर उसके ऊपर शव रखा और बाढ़ के पानी को पार कराते हुए शव को घर तक पहुंचाया। इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। घटना का वीडियो और तस्वीर सामने आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ के दौरान व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
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ग्रामीणों ने ड्रम के सहारे पार किया रास्ता
ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ के पानी के कारण रास्ता पूरी तरह बाधित था। शव को घर तक पहुंचाने का कोई दूसरा रास्ता नहीं होने पर ग्रामीणों ने ड्रम को आपस में बांधा और उसके ऊपर शव रखा। इसके बाद पानी के बीच से ड्रम को खींचकर शव को घर तक पहुंचाया गया। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद घटना का वीडियो और तस्वीर सामने आई।
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पंचायत पर मदद नहीं करने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि शव को घर तक ले जाने में मदद के लिए जब महिला सरपंच से संपर्क किया गया तो सरपंच और उनके देवर एवं जीआरएस विवेक तिवारी ने यह कहते हुए मदद से इनकार कर दिया कि यह हमारा काम नहीं है। ग्रामीणों ने इसे बेहद असंवेदनशील रवैया बताते हुए प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है।


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बाढ़ में पहले से ही परेशान हैं ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति में रास्ते बंद होने से आम लोगों को पहले ही भारी परेशानी हो रही है। ऐसे में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद शव को घर और अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाने के लिए भी इस तरह की व्यवस्था करना सिस्टम की जमीनी हकीकत को सामने लाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और आपात स्थिति के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, पंचायत प्रतिनिधियों पर लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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