रविवार को अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने ताज महल के दीदार किए। दीदार-ए-ताज के दौरान उन्होंने अपने जज्बातों को विजिटर बुक में उर्दू और अंग्रेजी में बयां किया। गुरु रवींद्र नाथ टैगोर के शब्दों को लिखते हुए करजई ने लिखा कि ताज वक्त के गाल पर मोती की तरह है। हामिद करजई ने शाहजहां-मुमताज की कब्रों पर उकेरे गए शब्दों को पढ़ा। ताज की पच्चीकारी, मीनारों, यमुना किनारे पर महताब बाग और सेंट्रल टैंक पर फोटोग्राफी भी कराई।