रीजनल साइंस सिटी अलीगंज में इनोवेशन फेस्टिवल का शुभारंभ उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (यूपी सीएसटी) के सचिव एवं निदेशक रमेश चंद्र ने किया। फेस्टिवल में 58 ग्रासरूट इनोवेटर्स ने अपने अभिनव मॉडल और विचार प्रस्तुत किए। वहीं स्कूल, कॉलेज और इंजीनियरिंग संस्थानों के 40 से अधिक प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए, जिनमें युवाओं की रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच और समस्या समाधान क्षमता देखने को मिली। उद्घाटन अवसर पर रमेश चंद्र ने कहा कि नवाचार केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत जिज्ञासा और अवलोकन से होती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सतत विकास को बढ़ावा देकर ही साकार किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों को वैज्ञानिक और तकनीकी समाधान विकसित कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान सीएसआईआर-सीडीआरआई के निदेशक संजय बत्रा ने लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान दिया। उन्होंने मानव विकास और सततता में नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैश्विक उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार रिसाइकल प्लास्टिक का उपयोग सड़क निर्माण में किया जा रहा है। साथ ही पर्यावरण के अनुरूप नवाचार पर जोर देते हुए यूपी सीएसटी के प्रयासों की सराहना की। फेस्टिवल में ड्रोन वर्कशॉप, इनोवेटिव चैलेंज और छात्रों के लिए इंटरएक्टिव सत्र जैसे कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रतिभागियों ने वास्तविक जीवन में उपयोगी वैज्ञानिक अनुप्रयोगों पर आधारित पीपीटी प्रोजेक्ट भी प्रस्तुत किए।